पेश है Eleven v4पेश है Eleven v4, हमारा अब तक का सबसे भावपूर्ण मॉडल।

कंटेंट पर जाएं

कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन: कैसे बनाएं और भी इंसानी यूज़र एक्सपीरियंस

लेखक
Jack Limebear
प्रकाशित
आखिरी बार अपडेट किया गया

सुनेंइस आर्टिकल को सुनें

कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन का मतलब पहले डिसीजन ट्री बनाना होता था। शुरुआती चैटबॉट और IVR मेनू सख्त, पहले से लिखी शाखाओं पर चलते थे: बिलिंग के लिए 1 दबाएं, "हां" या "नहीं" कहें, और उम्मीद करें कि ग्राहक का सवाल आपके अनुमानित रास्तों में से किसी एक से मेल खाए। यह मॉडल केवल तब तक काम करता था, जब तक बातचीत आपके पहले से बनाए दायरे में रहती थी।

AI एजेंट्स ने यह बाधा हटा दी। अब वे रीयल टाइम में बातचीत पर विचार कर सकते हैं, नॉलेज बेस से जानकारी ले सकते हैं, टूल्स कॉल कर सकते हैं और पहले कही गई बात याद रख सकते हैं, इसलिए वे अब किसी तय स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं हैं।

हालांकि, इस बदलाव ने कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन की ज़रूरत खत्म नहीं की। इसके बजाय, इसने मानक ऊंचे कर दिए। किसी सख्त स्क्रिप्ट के सहारे के बिना, एजेंट की पर्सोना, वर्कफ़्लो और निर्णय बिंदुओं को इतना स्पष्ट रूप से तय करना होता है कि वे पहले से निर्धारित बातचीत के बजाय खुली, रीयल-टाइम बातचीत में भी काम कर सकें।

यह गाइड बताती है कि चैट और वॉइस एजेंट्स के लिए कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन का वास्तव में क्या मतलब है, यह उन मेट्रिक्स के लिए क्यों अहम है जिन पर आपका पहले से मूल्यांकन होता है, और इसे अधिक स्वाभाविक बनाने के लिए आपको क्या ऑप्टिमाइज़ करना चाहिए। इसे सही करें और आप ऐसे AI एजेंट्स डिप्लॉय कर सकते हैं जो ग्राहकों से जुड़ें और तेज़, बेहतर सेवा दें।

सारांश

  • कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन का अर्थ है AI एजेंट के संचार को इस तरह संरचित और ऑप्टिमाइज़ करना कि बातचीत स्वाभाविक लगे।
  • वॉइस AI, टेक्स्ट से कम क्षमाशील है, क्योंकि वॉइस, लेटेंसी और टाइमिंग की समस्याएं जो चैट इंटरफ़ेस में अनदेखी रह जाती हैं, वॉइस बातचीत को रोबोटिक बना सकती हैं।
  • ElevenAgents को ऐसे फीचर्स के संयोजन के साथ बनाया गया है जो आपको वॉइस, पर्सोना और बातचीत के प्रवाह को नियंत्रित करने और हर चैनल में लेटेंसी ऑप्टिमाइज़ करने देते हैं, ताकि इंसानों जैसे AI वॉइस और चैट एजेंट्स संभव हो सकें।

कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन क्या है?

कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन, AI एजेंट के व्यवहार को कॉन्फ़िगर करने की UX प्रक्रिया है। इसमें उसकी पर्सोना से लेकर उसके इस्तेमाल किए जाने वाले गार्डरेल्स, वर्कफ़्लोज़ और नॉलेज बेसेस तक सब कुछ शामिल है—जो मिलकर बातचीत को प्रोडक्ट अनुभव के किसी भी दूसरे हिस्से जितना परिष्कृत बनाते हैं।

हालांकि, यह कॉन्फ़िगरेशन हर जगह एक जैसा नहीं दिखता। एजेंट्स एक ही कॉन्फ़िगरेशन से चैट, वॉइस या SMS जैसे कई चैनलों पर काम कर सकते हैं। हर चैनल की अपनी सीमाएं होती हैं, लेकिन वॉइस में ये सबसे कड़ी होती हैं। जब वॉइस किसी एजेंट का चैनल हो, तो एजेंट को वॉइस चुननी और प्रस्तुत करनी होती है, रीयल टाइम में गति और टर्न-टेकिंग संभालनी होती है, और विराम के कॉल ड्रॉप होने जैसा लगने से पहले जवाब देना होता है। चैट के विपरीत, जहां थोड़ा धीमा या अधूरा जवाब शायद ही कभी इंटरैक्शन बिगाड़ता है, वहां इनमें से कुछ भी वैकल्पिक नहीं है।

चैट एजेंट के लिए कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन लागू करते समय आपको किन बातों पर विचार करना चाहिए और वॉइस इसमें क्या अतिरिक्त जोड़ता है, यहां देखें।

Feature
Chat
Voice
Latency
Small delays are unnoticeable, and there is often more time to think as users type their own answers.
Voice agents have almost no room for delay. A pause that's fine in a chat window reads as dead air on a call, and the customer assumes it dropped.
Persona
Comes through in font, color, and word choice.
Persona also has to come through in accent, pacing, and tone, since the customer hears it instead of reading it.
Conversation flow
Messages simply queue up. No turn-taking, interruption handling, or silence detection needed.
The agent has to decide, in real time, when the customer is done talking and when it’s safe to respond.
Language and accent
The agent just needs to detect and match the right language.
The agent also has to get the accent right, since language detection alone won't catch it.

ग्राहक इन सभी कारकों को जानबूझकर नहीं परखते। वे बस नोटिस करते हैं कि जब कुछ गड़बड़ लगता है, और यह एहसास पूरे एजेंट पर उनके भरोसे को कमजोर करने के लिए काफी है, जिससे वे लक्ष्य भी खतरे में पड़ जाते हैं जिनके लिए आपने इसे डिप्लॉय किया था।

बेहतरीन यूज़र अनुभव के लिए कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन क्यों मायने रखता है

ऊपर बताए गए हर कारक, टर्न-टेकिंग से लेकर लेटेंसी और पर्सोना तक, उस अहम पल में ग्राहक की आपके ब्रांड के प्रति धारणा को प्रभावित करता है, जब वह आपका समर्थक या आलोचक बन सकता है। यह धारणा सीधे उन मेट्रिक्स में दिखती है जिन पर टीमों का मूल्यांकन होता है।

  • ज़्यादा संतुष्टि और समाधान दर: जब एजेंट तुरंत जवाब देता है और अटपटे ढंग से बीच में नहीं रोकता, तो ग्राहक इंटरैक्शन को बेहतर रेट करते हैं।
  • कम बातचीत छोड़ना: ग्राहक सिर्फ लंबे इंतज़ार की वजह से बातचीत नहीं छोड़ते। अपेक्षाओं से मेल न खाने वाली डिलीवरी—चाहे वह कॉल पर अटपटा विराम हो या चैट में बेजान, ब्रांड से अलग जवाब—बातचीत खत्म करने की वही प्रवृत्ति जगा सकती है।
  • जल्दी समाधान: स्पष्ट बातचीत प्रवाह सेटिंग्स और अच्छी तरह मैप किए गए वर्कफ़्लोज़ का मतलब है कम बंद रास्ते, दोहराए गए सवाल और "मैं आपको ट्रांसफ़र करता हूं" वाले पल।
  • मानवीय एजेंट्स तक कम एस्केलेशन: जब कोई एजेंट बातचीत का प्रवाह स्वाभाविक रूप से संभालता है और तय वर्कफ़्लो का पालन करता है, तो वह ग्राहक को किसी व्यक्ति से बात करने के लिए भ्रमित करने के बजाय पहली कोशिश में अधिक मामलों का समाधान करता है।

उदाहरण के लिए, eDreams ODIGEO को देखें, जो दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफ़ॉर्म्स में से एक है। उन्होंने पांच प्रमुख भाषाओं में ElevenAgents के साथ AI एजेंट्स डिप्लॉय किए और समाधान की गति में दोहरे अंकों का सुधार तथा कॉल ट्रांसफ़र दरों में दोहरे अंकों की कमी देखी। इसमें कम-लेटेंसी वॉइस सिंथेसिस और हर कॉल की शुरुआत में अधिक सटीक इंटेंट रिकग्निशन का भी योगदान था। ऐसे नतीजे केवल बातचीत डिज़ाइन से परे कई कारकों पर निर्भर करते हैं, लेकिन वे दिखाते हैं कि अच्छा कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन क्या संभव बनाता है।

ElevenAgents में कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन कैसे काम करता है

ElevenAgents में आप पर्सोना, वॉइस, टर्न-टेकिंग, हैंडऑफ़ और लेटेंसी जैसी चीज़ों को ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं—यही वे कारक हैं जो तय करते हैं कि एजेंट इंसान जैसा लगेगा या नहीं। अपने एजेंट को असली बातचीत में बेहतर ढंग से काम करने के लिए हर कारक को कॉन्फ़िगर और ऑप्टिमाइज़ करने का तरीका यहां है।

पर्सोना और वॉइस चयन

पर्सोना ग्राहक की पहली छाप तय करती है, और बेमेल पर्सोना बातचीत शुरू होने से पहले ही भरोसा कम कर देती है। दोस्ताना रिटेल ब्रांड के लिए बहुत औपचारिक पर्सोना ग्राहकों को एजेंट के कोई उपयोगी बात कहने से पहले ही उस पर संदेह करने पर मजबूर करती है। इसे सिस्टम प्रॉम्प्ट में आकार देना शुरू करें, जहां आप सबसे पहले एजेंट की भूमिका, व्यक्तित्व और गार्डरेल्स तय करते हैं।

वॉइस एजेंट्स के लिए, वह पर्सोना वॉइस में भी दिखनी चाहिए। वित्तीय कॉल के लिए बहुत अनौपचारिक वॉइस वही संकेत देती है जो टेक्स्ट में बेमेल पर्सोना देती है, इसलिए वॉइस चयन भी इसी काम का हिस्सा है। शुरुआत यहां से करें:

  • वॉइस चयन: वॉइस को अपने ब्रांड, ऑडियंस और विषय के अनुरूप रखें। एक्सेंट, लिंग और टोन किसी खास कॉलर के साथ भरोसा बनाने और बातचीत का माहौल तय करने में मदद करते हैं।
  • बहुभाषी सहायता: सभी बाज़ारों के लिए एक ही वॉइस डिफ़ॉल्ट करने के बजाय, अपनी समर्थित हर भाषा के लिए वॉइस चुनें। अलग-अलग भाषाओं में इस्तेमाल की गई एक ही वॉइस कम से कम एक भाषा में विदेशी लगती है, जिससे वह भरोसा कम होता है जो आप बनाना चाहते हैं।

ElevenAgents आपको वॉइस लाइब्रेरी में 11,000+ वॉइसेस का एक्सेस देता है, जिन्हें एक्सेंट, कैरेक्टर और इस्तेमाल के मामले के आधार पर खोजा जा सकता है, इसलिए आपको शायद ही कभी बिल्कुल शुरुआत से काम करना पड़ता है। अगर इनमें से कोई उपयुक्त न हो, तो आपके पास दो और विकल्प हैं: छोटे ऑडियो सैंपल से मौजूदा वॉइस क्लोन करें या शुरू से एक वॉइस डिज़ाइन करें—इसके लिए अपनी मनचाही उम्र, एक्सेंट, टोन और गति बताने वाला टेक्स्ट प्रॉम्प्ट लिखें।

बातचीत प्रवाह सेटिंग्स

वॉइस में बातचीत सबसे सख्त समय-सीमा पर चलती है। चैट में विराम सिर्फ खाली जगह होता है, लेकिन कॉल में लय का टूटना तुरंत डेड एयर या कनेक्शन ड्रॉप होने जैसा लगता है। उस लय को सही बनाना वॉइस एजेंट को बातचीत का स्वाभाविक भागीदार महसूस कराने का सबसे बड़ा कारक है, और इसकी शुरुआत टर्न-टेकिंग मॉडल से होती है।

ElevenLabs का टर्न-टेकिंग मॉडल रिसर्च-आधारित सिस्टम है, जिसे यह पहचानने के लिए बनाया गया है कि वक्ता केवल रुका है या वास्तव में बोलना पूरा कर चुका है। इससे यह तय कर पाता है कि एजेंट को कब जवाब देना चाहिए, बजाय किसी तय देरी के आधार पर अनुमान लगाने के।

इसके अलावा, बातचीत के प्रवाह को सही बनाने के लिए आप इन सेटिंग्स को एडजस्ट कर सकते हैं:

  • टर्न टाइमआउट: जवाब देने से पहले एजेंट कितनी देर चुप रहता है, ताकि ग्राहक के अभी सोचते समय वह बीच में न बोले या ग्राहक के बोलना खत्म करने के बाद उसे इंतज़ार में न रखे।
  • सॉफ्ट टाइमआउट: प्रोसेसिंग के दौरान विराम को भरने के लिए एजेंट का इस्तेमाल किया जाने वाला छोटा वाक्य, जैसे "एक क्षण" या "मैं देखता हूं", ताकि ग्राहकों को न लगे कि कॉल कट गई। किसी निश्चित समय का वादा करने वाले वाक्यांशों (जैसे "एक सेकंड") से बचें, क्योंकि वास्तविक जवाब का समय अलग-अलग हो सकता है।
  • बाधाएं: जब ग्राहक एजेंट के बोलते समय बोलना शुरू करे, तो क्या एजेंट बोलना बंद कर दे। स्वाभाविक बातचीत के लिए इसे सक्षम करें। कानूनी डिस्क्लेमर, सुरक्षा निर्देशों और ऐसी किसी भी चीज़ के लिए इसे बंद करें जिसे पूरा सुनना ज़रूरी हो।
  • टर्न ईगरनेस: ग्राहक के बोलना बंद करने के बाद एजेंट कितनी जल्दी जवाब देता है। "Eager" ग्राहक सेवा के लिए उपयुक्त है, जहां तेज़ जवाब सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। "Patient" ग्राहक जानकारी लेते समय बेहतर है, जैसे फ़ोन नंबर या ईमेल पता, ताकि एजेंट नंबर के बीच में ग्राहक को न रोके। "Normal" सामान्य बातचीत के लिए अच्छा डिफ़ॉल्ट है।

यहां छोटे बदलाव भी बड़ा असर डालते हैं। टाइमआउट में हल्का बदलाव भी ध्यान देने वाले एजेंट और लोगों को बीच में काटने वाले एजेंट के बीच अंतर पैदा कर सकता है।

वर्कफ़्लो, हैंडऑफ़ डिज़ाइन और स्क्रिप्टिंग

वर्कफ़्लोज़ वे जगह हैं जहां ElevenAgents में कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन को बड़े पैमाने पर लागू किया जाता है। वे तय करते हैं कि क्या और कब होगा: निर्णय बिंदु, एस्केलेशन पाथ, हैंडऑफ़—वह सब जो अन्यथा एजेंट को तुरंत बनाना पड़ता।

वर्कफ़्लोज़ आपके एजेंट को बेहतर बनाने के लिए दो अन्य सिस्टम्स के साथ काम करते हैं। सिस्टम प्रॉम्प्ट एजेंट का मूल व्यवहार तय करता है—जैसे उसकी भूमिका, टोन और वह क्या कहेगा या नहीं कहेगा—खास मौकों पर, जैसे अभिवादन या हैंडऑफ़। प्रोसीजर्स किसी एक स्पष्ट कार्य के लिए अधिक निर्देशात्मक विकल्प हैं, जैसे ग्राहक की पहचान सत्यापित करना या रिटर्न की प्रक्रिया समझाना। ग्राहक की बात के आधार पर शाखाएं बनाने के बजाय, वे बातचीत चाहे जैसे भी चले, शुरुआत से अंत तक चरण-दर-चरण तय क्रम का पालन करते हैं।

अपना एजेंट बनाना शुरू करने का सबसे आसान तरीका पहले से बने एजेंट टेम्प्लेट्स का इस्तेमाल है, जिनमें वर्कफ़्लोज़ और सिस्टम प्रॉम्प्ट्स, दोनों के लिए शुरुआती आधार मिलता है। इस तरह आप शुरू से बनाने के बजाय फाइनट्यून करते हैं। इन्हें अपना बनाने के लिए आप इन बदलावों से शुरुआत कर सकते हैं:

  • डिसीजन मैपिंग: हर निर्णय बिंदु पर एजेंट क्या करेगा, इसे सटीक रूप से मैप करें, ताकि शुरुआत से समाधान तक पूरी बातचीत तय हो। सबएजेंट नोड्स आपको फ्लो के खास बिंदुओं पर सिस्टम प्रॉम्प्ट, मॉडल या वॉइस तक बदलने देते हैं, ताकि संवेदनशील सत्यापन चरण कॉल की शुरुआत में होने वाली सामान्य बातचीत से अधिक सख्त गार्डरेल्स के तहत चल सके।
  • एस्केलेशन ट्रिगर्स: किसी व्यक्ति को हैंडऑफ़ करने के लिए स्पष्ट ट्रिगर्स तय करें, जिन्हें वर्कफ़्लो में शामिल किया गया हो, न कि जिनका निर्णय एजेंट उस समय करे। उदाहरण के लिए, दो कोशिशों के बाद भी समस्या हल न हो, ग्राहक सुपरवाइज़र को मांगे, या लेन-देन इतना संवेदनशील या उच्च-मूल्य का हो कि किसी व्यक्ति की ज़रूरत पड़े, तो एस्केलेट करें।
  • हैंडऑफ़ कॉन्टेक्स्ट: सिस्टम प्रॉम्प्ट में तय करें कि ट्रांसफ़र से पहले एजेंट को क्या जानकारी लेनी चाहिए, जैसे ऑर्डर ID या अकाउंट नंबर, और किन स्थितियों में हैंडऑफ़ शुरू होगा। फिर उन सहेजे गए विवरणों को ट्रांसफ़र टूल की कॉन्फ़िगरेशन से मैप करें, ताकि ग्राहक को मानव प्रतिनिधि के सामने खुद को दोहराना न पड़े और जानकारी अपने-आप आगे चली जाए।
  • स्क्रिप्टेड वाक्यांश: सिस्टम प्रॉम्प्ट में अहम पलों के लिए सटीक शब्द तय करें। शुरुआती अभिवादन, एरर मैसेज, कानूनी डिस्क्लेमर और एस्केलेशन हैंडऑफ़ को कभी भी एजेंट के मौके पर बनाने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। "मुझे इस समय उस जानकारी को एक्सेस करने में समस्या हो रही है" जैसी सटीक पंक्ति, किसी चीज़ के खराब होने पर एजेंट द्वारा अपने-आप शब्द चुनने से अधिक भरोसेमंद है।

ElevenAgents में वर्कफ़्लो को विज़ुअल ग्राफ़ के रूप में बनाया जाता है, जहां हर निर्णय बिंदु और एस्केलेशन ट्रिगर उस नोड के रूप में मैप होता है जिसे आप सीधे देख और एडिट कर सकते हैं।

Conversational AI design. Workflow interface for managing agent transfers and meetings in ElevenLabs platform.

लाइव होने के बाद, एनालिटिक्स उसी ग्राफ़ पर असली बातचीत का डेटा ओवरले करता है, ताकि आप ठीक-ठीक देख सकें कि ग्राहक कहां अटक रहे हैं या बातचीत छोड़ रहे हैं और बिना अनुमान लगाए उसे ठीक कर सकें।

लेटेंसी और प्रदर्शन

किसी इंटरैक्शन के इंसानी लगने या न लगने में लेटेंसी सबसे बड़े कारकों में से एक है। बातचीत की बाकी सभी चीज़ें अच्छी चल रही हों, तब भी धीमा जवाब ग्राहक को यह याद दिलाने के सबसे तेज़ तरीकों में से एक है कि वह मशीन से बात कर रहा है।

एजेंट चैट पर चले या वॉइस पर, पाइपलाइन का हर हिस्सा अपनी लेटेंसी जोड़ता है। इनमें से कुछ दोनों पर लागू होते हैं, जबकि दूसरे सिर्फ तब लागू होते हैं जब वॉइस इसमें शामिल हो।

  • LLM: हर मॉडल चयन लागत, रीजनिंग क्वालिटी और गति के बीच संतुलन है, और सही संतुलन बातचीत पर निर्भर करता है। FAQs या अपॉइंटमेंट कन्फर्मेशन जैसे सरल, बार-बार होने वाले इंटरैक्शन अनुभव को खराब किए बिना तेज़, हल्के मॉडल पर चल सकते हैं। वित्तीय सलाह या कई चरणों वाली ट्रबलशूटिंग जैसे जटिल कामों के लिए, आमतौर पर अधिक मजबूत रीजनिंग मॉडल के लिए भुगतान करना सही रहता है, भले ही उसका जवाब थोड़ा धीमा हो।
  • नॉलेज बेस और RAG: एजेंट के जवाब देने से पहले हर नॉलेज बेस लुकअप एक राउंड-ट्रिप जोड़ता है, इसलिए एजेंट को व्यापक रूप से खोजने वाले नॉलेज बेस की तुलना में छोटा, केंद्रित नॉलेज बेस तेज़ जवाब देता है।
  • इंटीग्रेशंस और टूल कॉल्स: हर बाहरी टूल कॉल, जैसे Salesforce में ऑर्डर देखना या कैलेंडर में उपलब्धता जांचना, अपना राउंड-ट्रिप जोड़ती है। टूल के स्पष्ट विवरण लिखें, ताकि एजेंट को कौन-सा टूल कॉल करना है इस पर झिझक न हो, और सिर्फ उन्हीं टूल्स को कॉल करें जिनकी बातचीत में वास्तव में ज़रूरत हो।
  • भौगोलिक क्षेत्र और डेटा होस्टिंग: अपने ElevenAgents क्षेत्र को उस क्षेत्र से मिलाएं जहां आपका डेटा होस्ट है, और फ़ोन-आधारित डिप्लॉयमेंट के लिए अपने टेलीफ़ोनी प्रोवाइडर के क्षेत्र (Twilio, SIP या अन्य) से भी। अगर एजेंट का क्षेत्र और कॉल गेटवे का क्षेत्र दुनिया के विपरीत हिस्सों में हैं, तो बातचीत शुरू होने से पहले ही यह दूरी लेटेंसी जोड़ देती है।
  • स्पीच टू टेक्स्ट (केवल वॉइस): एजेंट के किसी बात पर विचार करने से पहले Scribe ग्राहक की कही बात को ट्रांसक्राइब करता है। लाइव बातचीत के लिए बैच वर्ज़न के बजाय रीयल-टाइम वर्ज़न (Scribe v2 Realtime) इस्तेमाल करें, क्योंकि बैच वर्ज़न गति के बजाय सटीकता के लिए बनाया गया है।
  • टर्न-टेकिंग (केवल वॉइस): यह तय करता है कि एजेंट जवाब देने का निर्णय कब लेता है; इसकी जानकारी ऊपर विस्तार से दी गई है। इसे अपने-आप में लेटेंसी कारक के रूप में याद रखना ज़रूरी है, क्योंकि टर्न के खत्म होने का पता लगाने में झिझकने वाला मॉडल बाकी पाइपलाइन शुरू होने से पहले ही देरी जोड़ता है।
  • टेक्स्ट टू स्पीच और वॉइस चयन (केवल वॉइस): डिफ़ॉल्ट और सिंथेटिक वॉइसेस, साथ ही इंस्टेंट वॉइस क्लोन्स, प्रोफेशनल वॉइस क्लोन्स की तुलना में तेज़ जवाब देते हैं। प्रोफेशनल वॉइस क्लोन्स का इस्तेमाल केवल वहीं करें जहां अतिरिक्त गुणवत्ता लेटेंसी के समझौते के लायक हो।

लेटेंसी को गहराई से समझने के लिए लेटेंसी ऑप्टिमाइज़ेशन की सर्वोत्तम प्रक्रियाएं और पाइपलाइन में लेटेंसी कैसे मापी और रिपोर्ट की जाती है देखें।

ElevenAgents के साथ अपना पहला एजेंट डिज़ाइन करें

यहां बताए गए कारक ही व्यवहार में किसी AI एजेंट के लिए कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन का मतलब हैं। यह सब ElevenAgents में नेटिव है और नो-कोड कंसोल से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है, इसलिए आप ऐसा एजेंट बना सकते हैं जो केवल सवालों के सही जवाब देने के बजाय असली बातचीत कर सके।

ऐसी टीमों के लिए जिन्हें इसमें व्यावहारिक मदद चाहिए, ElevenLabs के Forward Deployed Engineers आपकी टीम के साथ सीधे काम करते हैं, प्रोडक्शन-रेडी एजेंट का दायरा तय करते हैं, उसे बनाते और लॉन्च करते हैं, फिर लाइव होने के बाद प्रदर्शन को फाइनट्यून करने में मदद करते हैं।

चाहे आप इसे खुद बना रहे हों या मदद ले रहे हों, अंतर देखने का सबसे तेज़ तरीका इसे आजमाना है। आज ही एजेंट बनाकर या हमारी सेल्स टीम से बात करके शुरुआत करें।

हमारी टीम के साथ प्रोडक्शन-रेडी एजेंट डिज़ाइन करें

कुछ और चाहिए? देखें हमारा सहायता केंद्र

कन्वर्सेशनल AI डिज़ाइन FAQ

लेखक

Jack Limebear हमारी ग्रोथ टीम में हैं और ब्लॉग व इनसाइट्स पेज के लिए कंटेंट राइटर और स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर काम करते हैं। ElevenLabs से पहले, उन्होंने दस साल से ज़्यादा समय तक तेज़ी से बढ़ती SaaS स्टार्टअप्स से लेकर Fortune 500 कंपनियों तक के लिए कंटेंट स्ट्रैटेजी लीड की है। उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज से इंग्लिश लिटरेचर में मास्टर डिग्री है।

संबंधित लेख

उच्चतम गुणवत्ता वाले AI ऑडियो के साथ बनाएं