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वेबिनार रिकैप: Cars24 कैसे वॉइस AI से 30 लाख+ मिनट की सेल्स कॉल्स ऑटोमेट करता है

लेखक
Ruta Bhatt
प्रकाशित

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Cars24 13 भाषाओं में बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन वॉइस एजेंट्स चला रहा है। 

इस पोस्ट में बिहाइंड द एजेंट: Cars24 कैसे वॉइस AI से 30 लाख+ मिनट की सेल्स कॉल्स ऑटोमेट करता है का सारांश है। इसमें Cars24 के AI और इनोवेशन प्रमुख जयेश गुप्ता ने बताया कि Cars24 ने अपना वॉइस AI सिस्टम कैसे बनाया और तैनात किया — पहले सरल यूज़ केस से लेकर मल्टी-एजेंट आर्किटेक्चर तक, जो ग्राहकों के साथ लाखों मिनट की बातचीत संभालता है।

इस पैमाने पर वॉइस AI क्यों मायने रखता है

Cars24 भारत के सबसे बड़े यूज़्ड-कार मार्केटप्लेस में से एक है और भारत, UAE व ऑस्ट्रेलिया में काम करता है। यह हर महीने 4,000 - 4,500 कारें बेचता है, 100,000+ इंस्पेक्शन करता है और 22,000+ टेस्ट ड्राइव करवाता है।

और इसमें फाइनेंसिंग, डिलीवरी के बाद की सहायता, जुर्माने के भुगतान और कार के बदले लोन शामिल नहीं हैं। सिर्फ इसका सेल्स फ़नल ही हर ग्राहक के लिए 30 से 45 दिन का होता है।

इसके 75% खरीदार पहली बार कार खरीद रहे होते हैं। उनके लिए कार खरीदना सिर्फ एक लेनदेन नहीं है। यह आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण और भावनात्मक फैसला होता है। यानी Cars24 के प्रोडक्ट का 70 - 80% हिस्सा ऐप नहीं, बातचीत है। फ़नल के हर चरण में इंसानी, मार्गदर्शित और सहायक बिक्री।

AI एजेंट्स से पहले, सिस्टम धीमा पड़ रहा था। ग्राहक गलत टीमों को कॉल करते थे — सपोर्ट से जुड़े मामलों के लिए सेल्स टीम से संपर्क होता था, जिससे इंतज़ार बढ़ता था और ग्राहक अनुभव खराब होता था। 

इंतज़ार का समय बढ़ता जा रहा था। 30 दिन के फ़नल में फ़ॉलो-अप छूट जाते थे। 

लीड क्वालिफ़िकेशन से लेकर लोन डॉक्यूमेंटेशन तक सब कुछ संभालना महंगा था और इसे बढ़ाना मुश्किल था।

आज: 

  1. कुल कॉल वॉल्यूम का 25% ऑटोमेटेड है
  2. लगभग आधी बिक्री में वॉइस AI मदद करता है
  3. कॉलिंग लागत 50% कम हो गई है

डेमो 1: Cars24 का नेगोशिएशन एजेंट

स्थिति: Cars24 का एक वॉइस एजेंट उस विक्रेता को कॉल करता है जो अपनी कार बेचने पर विचार कर रहा है और हिंदी में बातचीत करके उसे दूसरे प्लेटफ़ॉर्म्स के बजाय Cars24 चुनने के लिए मनाता है।

क्या दिखाया गया:

- एजेंट हिंदी में पूरी सेल्स नेगोशिएशन करता है

- यह आपत्तियों को संभालता है और रियल टाइम में दूसरे प्लेटफ़ॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा करता है

- बातचीत स्वाभाविक लगती है, कम लेटेंसी और बिना रोबोटिक ठहराव के

- एजेंट कॉल के दौरान विक्रेता से Cars24 के लिए प्रतिबद्धता ले लेता है

यह क्यों मायने रखता है: ये एजेंट सक्रिय रूप से बिक्री करते हैं, अस्पष्टता संभालते हैं, आपत्तियों का जवाब देते हैं और कन्वर्ज़न का फैसला आगे बढ़ाते हैं — वह भी उस भाषा में जिसमें ग्राहक सबसे सहज हो। Cars24 ने पाया है कि भाषा का मेल सीधे बातचीत का समय और व्यावसायिक नतीजे बढ़ाता है।

डेमो 2: क्रॉस-सेल के लिए मल्टी-एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन

स्थिति: एक ग्राहक अपना इंस्पेक्शन अपॉइंटमेंट भूल गया। एक क्वालिफ़िकेशन एजेंट उसे दोबारा तय करने के लिए कॉल करता है, अपग्रेड की मंशा पहचानता है और कॉल को लाइव एक सेल्स एजेंट को ट्रांसफर कर देता है, जो बिना संदर्भ खोए बातचीत आगे बढ़ाता है।

क्या दिखाया गया:

- एजेंट 1 (स्नेहा) छूटे हुए अपॉइंटमेंट पर बात करके शुरुआत करती है और उसे फिर से तय करती है

- स्नेहा मंशा जानती है: क्या विक्रेता अपग्रेड कर रहा है या आर्थिक कारणों से बेच रहा है?

- ग्राहक अपग्रेड की मंशा बताता है

- स्नेहा सही टीम को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव देती है और कॉल के बीच में ऐसा कर देती है

- एजेंट 2 पूरे संदर्भ के साथ बातचीत संभालता है और यूज़्ड कार खरीद की दिशा में उसे आगे बढ़ाता है

- जब ग्राहक एक घंटे बाद कॉल करने को कहता है, तो एजेंट पुष्टि करता है, अपॉइंटमेंट की स्थिति दोहराता है और कॉल को साफ़ तरीके से खत्म करता है

यह क्यों मायने रखता है: यह डेमो दिखाता है कि व्यवहार में मल्टी-एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन कैसा होता है। हर एजेंट एक काम संभालता है और उनके बीच संदर्भ आगे बढ़ता है। न कोई बात दोहरानी पड़ती है, न हैंडऑफ़ छूटता है। Cars24 एक ऐसे 24/7 नंबर की दिशा में काम कर रहा है, जहाँ ग्राहक अपनी पूरी यात्रा — बेचना, खरीदना, फाइनेंसिंग — बिना कुछ दोहराए पूरी कर सकें।

Cars24 ने इसे कैसे बनाया: तकनीकी पहलू

Cars24 ने सबसे सरल यूज़ केस से शुरुआत की: छूटे हुए अपॉइंटमेंट की रिमाइंडर। छोटी कॉल्स, दो संभावित नतीजे और गलती की कम लागत। इससे उन्हें विस्तार करने से पहले यह सीखने का मौका मिला कि क्या काम करता है।

जब वे लंबी और ज्यादा जटिल इनबाउंड कॉल्स पर गए — कार खोजने से जुड़ी बातचीत, जो औसतन 7 मिनट और कभी-कभी 13 मिनट तक चलती थी — तब उन्हें सिंगल-एजेंट आर्किटेक्चर की एक बड़ी सीमा का सामना करना पड़ा। 

मिनी मॉडल्स 3 से 4 मिनट के बाद संदर्भ खोने लगे। 

बड़े मॉडल्स ने लेटेंसी बढ़ा दी। 

सब कुछ एक ही प्रॉम्प्ट में भरने से सिस्टम नाज़ुक हो गया: लोन फ़्लो में बदलाव खरीद फ़्लो को बिगाड़ सकता था।

उनका समाधान मल्टी-एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन था। उन्होंने बातचीत को चरणों में बांट दिया: 

  1. मिनी मॉडल इस्तेमाल करने वाला एक छोटा क्वालिफ़िकेशन एजेंट शुरुआती मंशा समझता है
  2. ग्राहक के जुड़ने और थोड़ा अधिक इंतज़ार करने के लिए तैयार होने पर, खोज के लिए एक बड़ा मॉडल काम संभालता है
  3. तीसरा, लोन-केंद्रित एजेंट सिर्फ़ तब सक्रिय होता है जब कीमत या फाइनेंसिंग की बात आती है।

हर एजेंट एक काम अच्छी तरह संभालता है। एक में किए बदलाव से दूसरे नहीं टूटते।


तकनीकी स्टैक (ElevenAgents प्लेटफ़ॉर्म से ऑर्केस्ट्रेटेड):

  1. स्पीच टू टेक्स्ट: ElevenLabs Scribe v2 रियल-टाइम, जिसे 13 भाषाओं में शोर वाले टियर 2 और टियर 3 परिवेशों में सटीकता के लिए चुना गया
  2. टेक्स्ट टू स्पीच: ElevenLabs Flash 2.5, जिसे हाल ही में Eleven v4 Turbo में अपग्रेड किया गया, जिससे बिक्री प्रदर्शन में मापने योग्य सुधार आया
  3. LLM: ज्यादातर यूज़ केस के लिए GPT-4.1 mini, जबकि गहरी रीजनिंग वाली लंबी डिस्कवरी कॉल्स के लिए GPT-4o या समकक्ष
  4. टेलीफोनी: ऑडियो क्वालिटी के लिए 24kHz पर PCM के साथ WebSockets; भारत में इनके प्रोवाइडर्स में Twilio, Exotel और Plivo शामिल हैं
  5. इंटीग्रेशन: ElevenLabs Agents प्लेटफ़ॉर्म में कस्टम API कॉल्स, MCP सपोर्ट और ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार के लिए नेटिव HubSpot इंटीग्रेशन
  6. वेक्टर डेटाबेस: Qdrant, जिसमें लेटेंसी और लागत कम रखने के लिए 10 लाख से अधिक वेक्टर्स वाले बड़े डेटासेट्स पर बाइनरी क्वांटाइज़ेशन इस्तेमाल होता है

अलग-अलग Agents को जोड़कर बनाने के बजाय ElevenLabs STT, LLM और TTS कंपोनेंट्स इस्तेमाल करने का फैसला एक बात पर टिका था: लेटेंसी। 

एक जैसे अंतर्निहित मॉडल्स के साथ भी, खुद पाइपलाइन बनाने पर लेटेंसी लगातार एक सेकंड से ऊपर चली जाती थी। 

ElevenLabs प्लेटफ़ॉर्म — जो मॉडल्स और ऑर्केस्ट्रेशन लेयर दोनों को एक साथ संभालता है — ने इसे 30 से 40% कम कर दिया। इस कमी से कन्वर्ज़न में सीधे 30 से 40% की बढ़ोतरी हुई।

Cars24 से बेहतरीन तरीके

1. वहीं से शुरू करें जहाँ असफलता की लागत सबसे कम हो। Cars24 का पहला यूज़ केस छूटे हुए अपॉइंटमेंट की रिमाइंडर था — छोटा, सरल और कम जोखिम वाला। वहाँ मॉडल को साबित करने से अंदरूनी भरोसा बना और टीम को फ़नल के अधिक महत्वपूर्ण हिस्सों पर काम करने से पहले सीखने का मौका मिला।

2. इसे सिमुलेशन पर नहीं, असली ग्राहकों के साथ चलाएं। इंटरनल टेस्टिंग असली बातचीत की अव्यवस्था को दोहरा नहीं सकती। Cars24 ने अपने पायलट्स लाइव ट्रैफ़िक के 10% पर चलाए, अस्थायी गिरावट स्वीकार की और सुधार के लिए असली फ़ीडबैक इस्तेमाल किया।

3. प्रॉम्प्ट की लंबाई को एक सख्त सीमा बनाएं। दो मिनट से कम की कॉल्स के लिए Cars24 प्रॉम्प्ट को 4,000 से 5,000 टोकन तक सीमित रखता है। लंबे प्रॉम्प्ट मॉडल को धीमा करते हैं और भरोसेमंद तरीके से नतीजे बेहतर नहीं करते। अगर किसी यूज़ केस को इससे अधिक चाहिए, तो दूसरा एजेंट बनाएं।

4. आम जवाब प्रॉम्प्ट में रखें, न कि नॉलेज बेस में। ग्राहक जो मुख्य सवाल वास्तव में पूछते हैं, उनके जवाब सीधे प्रॉम्प्ट में डालें। टूल कॉल्स और RAG रिट्रीवल को बाकी 20% के लिए रखें। इससे नॉलेज लुकअप के दौरान लेटेंसी के ज्यादातर स्पाइक्स खत्म हो जाते हैं।

5. पहला मैसेज पहले से रिकॉर्ड करें। ElevenLabs Agents कॉल कनेक्ट होने से पहले शुरुआती मैसेज जनरेट करके कैश कर सकता है। पहले मैसेज को इंटरप्ट न किया जा सकने वाला बनाने के साथ, यह नेटवर्क लैग या समय से पहले रुकावटों के कारण होने वाले शुरुआती ड्रॉप-ऑफ़ कम करता है।

6. हर कॉल में इवैल्यूएशन शामिल करें। Cars24 100% कॉल्स पर ElevenLabs Agents evals का इस्तेमाल करता है, ताकि ट्रैक किया जा सके कि SOPs का पालन हुआ या नहीं, ग्राहक ने निराशा दिखाई या नहीं, और कोई चीज़ विफल हुई या नहीं। विफल evals पर मैन्युअल रिव्यू शुरू होता है। हर दिन रैंडम सैंपल्स का ऑडिट किया जाता है। टीम सिर्फ़ प्रतिक्रिया नहीं देती, पहले से कदम उठाती है।

7. चरणों में स्केल करें। नए एजेंट डिप्लॉयमेंट 5%, 10%, 20%, 50%, 100% रोलआउट का पालन करते हैं। आगे विस्तार करने से पहले हर चरण में दो दिन रुककर पुष्टि की जाती है कि eval मेट्रिक्स स्थिर हैं।

8. उन ग्राहकों को कॉल न करें जिन्होंने आपसे सुनने के लिए नहीं कहा है। हर Cars24 आउटबाउंड कॉल ऐसे व्यक्ति को जाती है जो पहले से फ़नल में आ चुका है। बिना मांगे AI आउटरीच से शिकायतें बढ़ती हैं और भरोसा कम होता है। नियम सरल है: अगर वे पहले से जुड़े नहीं हैं, तो उन्हें कॉल नहीं किया जाता।

9. जब ग्राहक पूछें कि क्या वे AI से बात कर रहे हैं, तो ईमानदार रहें। पूछने पर Cars24 एजेंट बताते हैं कि वे वर्चुअल असिस्टेंट हैं। अगर ग्राहक किसी इंसान से बात करना चाहता है, तो कॉल तुरंत ट्रांसफर हो जाती है।

10. AI पर खर्च को लागत नहीं, निवेश की मद मानें। Cars24 अब अपने वार्षिक ऑपरेटिंग प्लान्स में AI लागत को मापने योग्य व्यावसायिक नतीजों से जुड़े स्पष्ट उद्देश्यों के साथ शामिल करता है। हर डिप्लॉयमेंट से किसी वास्तविक मेट्रिक में बदलाव आने की उम्मीद होती है।

पूरा सेशन देखें

पूरा सेशन यहाँ देखें।

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लेखक

रूता भारत में ElevenLabs के लिए एंटरप्राइज़ ग्रोथ का नेतृत्व करती हैं, शीर्ष कंपनियों को उनके भविष्य में AI ऑडियो को शामिल करने में मदद करती हैं।

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