

इंटेलिजेंट ऑटोमेशन की संरचना: इंटीग्रेशन, मल्टी-एजेंट वर्कफ़्लो और रूटिंग
एंटरप्राइज़ कन्वर्सेशनल एजेंट प्लेबुक सीरीज़ का वॉल्यूम 2।
पूरा एक्सेस पाएं
एक सक्षम सिंगल एजेंट आपको प्रोडक्शन तक पहुंचने में सिर्फ़ कुछ हद तक ही मदद करता है। ग्राहकों की वास्तविक समस्याएं हल करने के लिए एजेंट्स को यूज़र्स की पहचान सत्यापित करनी होती है, नीतियां लागू करनी होती हैं, रिकॉर्ड अपडेट करने होते हैं और ज़रूरत पड़ने पर एस्केलेट करना होता है—फोन, चैट, WhatsApp और ईमेल पर। यह वॉल्यूम इसी सिस्टम लेयर को कवर करता है।
इसमें आप जानेंगे:
- वे चार इंटीग्रेशन स्तंभ, जिन पर ज़्यादातर एंटरप्राइज़ डिप्लॉयमेंट्स केंद्रित होते हैं: कम्युनिकेशन, कस्टमर डेटा, केस सिस्टम्स और नॉलेज
- डिटरमिनिस्टिक वर्कफ़्लो का उपयोग कैसे करें, ताकि ऑथेंटिकेशन जैसे अहम चरण LLM के निर्णय के बजाय सिस्टम की सच्ची जानकारी पर निर्भर हों
- ऑर्केस्ट्रेटर और स्पेशलिस्ट सबएजेंट पैटर्न, जिसे एयरलाइन रूटिंग के उदाहरण से समझाया गया है
- LLM कंडीशंस, टूल रिज़ल्ट्स और रनटाइम वेरिएबल्स के आधार पर रूटिंग, साथ ही एज केस और एस्केलेशन को संभालने का तरीका
उन टीम्स के लिए लिखा गया है जो सिंगल-एजेंट पायलट से एंड-टू-एंड ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही हैं, जो सिर्फ़ जवाब देने के बजाय समस्याएं हल करता है।


