मछली और बतख की दोस्ती (Fish and Duck's Friendship)

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मछली और बतख की दोस्ती (Fish and Duck's Friendship)

"नीले-नीले पानी में, मछली करे तैर, चमके जैसे चाँदनी, उसकी सुनहरी लहर। ताल किनारे बतख बोले, “क्वैक-क्वैक-क्वैक!” दोनों मिलकर हँस पड़ीं, जैसे बजे हो ट्रैक। (कोरस) मछली बोले छप-छप-छप, बतख बोले क्वैक-क्वैक! दोस्ती की प्यारी धुन, दिल में बजती टैप-टैप! (अंतरा 2) मछली लाई मोती सा, पानी का उपहार, बतख लाई पंखों से, खुशियों की बौछार। सूरज निकले, चमके पानी, रंग भरे आसमान, दोनों गाएँ साथ मिलकर, खुशियों का गान। (कोरस) मछली बोले छप-छप-छप, बतख बोले क्वैक-क्वैक! साथ रहें तो मुश्किल क्या, जीवन बने मज़ेदार ट्रैक! (ब्रिज) तालाब की ये कहानी, प्यारी और निराली, दोस्ती से बड़ी नहीं कोई भी खुशहाली। (आउट्रो) छप-छप, क्वैक-क्वैक, गूँजे चारों ओर, मछली- बतख की यारी रहे सदा भरपूर! 🎶"

नीले-नीले पानी में,
मछली करे तैर,
चमके जैसे चाँदनी,
उसकी सुनहरी लहर।
ताल किनारे बतख बोले,
“क्वैक-क्वैक-क्वैक!”
दोनों मिलकर हँस पड़ीं,
जैसे बजे हो ट्रैक।

मछली बोले छप-छप-छप,
बतख बोले क्वैक-क्वैक!
दोस्ती की प्यारी धुन,
दिल में बजती टैप-टैप!

मछली लाई मोती सा,
पानी का उपहार,
बतख लाई पंखों से,
खुशियों की बौछार।
सूरज निकले, चमके पानी,
रंग भरे आसमान,
दोनों गाएँ साथ मिलकर,
खुशियों का गान।

मछली बोले छप-छप-छप,
बतख बोले क्वैक-क्वैक!
साथ रहें तो मुश्किल क्या,
जीवन बने मज़ेदार ट्रैक!

तालाब की ये कहानी,
प्यारी और निराली,
दोस्ती से बड़ी नहीं
कोई भी खुशहाली।

छप-छप, क्वैक-क्वैक,
गूँजे चारों ओर,
मछली- बतख की यारी
रहे सदा भरपूर! (🎶)
मछली और बतख की दोस्ती (Fish and Duck's Friendship) - created with Eleven Music